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गांवों में रहने वाले बच्चे क्या सपने नहीं देखते ?

Problem of malnutrition in village -children and focus on political corruption

  - गुलज़ार हुसैन   (Gulzar Hussain), Mumbai(India), May 13, 2013

भारत के गांवों में पसरी गरीबी से कौन वाकिफ नहीं है ,लेकिन क्या आप जानते हैं इस गरीबी का सबसे बुरा प्रभाव बच्चों पर ही पड़ता है। गरीबी के कारण कुपोषण और बाल मजदूरी की आग में झुलसते गांव के बच्चों की समस्याएं अनगिनत हैं। दुर्व्यवस्था ने यहां के  बच्चों की आंखों से सपने छीन लिए हैं । कुपोषण के कारण गरीब बच्चे न तो अच्छी शिक्षा पा सकते हैं और न ही वे स्वस्थ रह कर खेल-कूद का आनंद ले सकते हैं। दरअसल देश में लगातार होने वाले छोटे -बड़े भ्रष्टाचार ही गांव के गरीब बच्चों की दयनीय स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। ग्रामीण बच्चों के लिए चलने वाली कई कल्याणकारी योजनाओं  में  कई बार घोटाले की खबर आती रही है , इससे यह साबित होता है कि गरीब बच्चों के निवाले पर भी मुनाफाखोरों -जमाखोरों की नजर है।  पिछले वर्ष महाराष्ट्र के बाल विकास योजना में बड़े स्तर पर घोटाला होने की खबरें प्रकाश में आई थी ।  महाराष्ट्र में कुपोषित बच्चों के लिए आए आहार को निगलने वाले गिद्धों के चेहरे प्रकाश में आते ही लोग चौंक गए थे । क्या यह हद नहीं है कि कुपोषण और भूख से कमजोर पड़े बच्चों के भोजन को चुरा कर कोई अपनी तिजोरी भरता रहे और हम तमाशा देखने या कविता-कहानी लिखने के लिए अभिशप्त रहें । यह आत्मालोचना निश्चित रूप से बेहद तकलीफदेह है, लेकिन इस बात से क्या कोई इंकार कर सकता है कि हमारे हाथ बंधे हुए हैं। व्यवस्था बड़ी चालाकी से हमें गूंगा तमाशबीन बना देती है और हम आत्मसंतुष्ट हो जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार की समेकित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) में 100 करोड़ के भ्रष्टाचार की बात कही गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें नेताओं ,अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठगांठ सामने आई थी और निजी कंपनियों ने फर्जी मंडल बनाकर इस घोटाले को अंजाम दिया था ।

Click This Book! photo: World Bank's India: Malnutrition Report

क्या यह पूंजीवाद से उपजी मुनाफाखोरी का ही प्रेत है जो नेताओं और ठेकेदारों को गिद्ध में बदल देती है,वरना दिन-रात पूजा-नमाज में घिरे होने की बातें करने वालों के हाथ आखिर कुपोषित बच्चों के मुंह से कौर छीनने में क्यों नहीं कांपे? कई निजी कंपनियों की पूंजीवादी नीति केवल मुनाफा पाने के सिद्धांत पर टिकी होती है और इसलिए ऐसी कंपनियां आसानी से अपने हमसफर ढूंढ लेती हैं। दरअसल नेताओं,अधिकारियों और ठेकेदारों के गठजोड़ से इतना शक्तिशाली गिद्ध बन गया है कि उसे भगाने और मारने की हिम्मत जुटाना आसान नहीं है। यह व्यवस्था इन गिद्धों को बड़े आराम से विचरण करने के लिए सुगम राह बना देती है।

महाराष्ट्र के अलावा देश के और कई राज्यों और शहरों से गरीब बच्चों ,महिलाओं के राशन में घोटाले की खबरें अक्सर आतीं रहीं हैं और इसलिए हम कह सकते हैं कि इन घोटालेबाजों पर रोक नहीं लग पा रही है। गरीबों के लिए बनी अधिकांश जन कल्याणकारी योजनाओं पर गिद्धों के झुंड मंडरा रहे हैं। आंगनवाड़ी योजनाओं ,राशन का अनाज और तेल ,घर-शौचालय योजनाओं में घोटाले होने के मामले समय-समय पर प्रकाश में आते रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने के लिए कारगर उपाय नहीं किए गए। राजनीति चमकाने के लिए छोटी- बड़ी राजनीतिक पार्टियां अक्सर एक दूसरे पर निशाना साधने में लगी रहती हैं, लेकिन समस्याओं की जड़ों में जाकर,इन्हें दूर करने का प्रयास कोई नहीं करना चाहता। अब देखिए कि गरीब बच्चों के स्वास्थ्य या शिक्षा से जुड़े मुद्दे पर क्या राजनीतिक जगत में उत्सुकता दिखी? कुपोषित बच्चों का अनाज कोई लूट ले गया और अधिकांश नेताओं में कोई छटपटाहट नहीं दिखी, तो संदेह तो होगा ही। क्या यह स्पष्ट नहीं है कि राजनीतिक पार्टियां एक-  दूसरे के विरोध में उतनी ही बोलती हैं,जितनी उनकी सियासी मजबूरी होती है। सनसनीखेज मुद्दों पर नेताओं के बयान जितनी जल्दी आ जाते हैं, उतनी तत्परता भ्रष्टाचार के मामले में क्यों नहीं दीखती।

निश्चित रूप से हर घोटाला गरीबों के खिलाफ एक सुनियोजित षडयंत्र की ओर इशारा करता है। यह गरीबों के अधिकार और आत्मसम्मान पर हमला करने का प्रयास है। कुपोषित बच्चों के निवाले से तिजोरियां भरने और राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की चालाकी लोगों से आखिर कैसे छिप सकतीं है। अब समय आ गया है, जब प्रगतिशील नई पीढ़ी इस दुर्व्यवस्था का जमकर विरोध करे । यह समय चुप बैठने का नहीं है।  

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video: (c) UNICEF/Youtube

 

Video on children of Shivpuri, a village in Madhya Pradesh, India, suffering from Marasmus and Kwarshiokar (deficiency disorders caused due to lack of calories and protein, in the daily diet). This video is (c) UNICEF and is part of Raksha Changappa`s YouTube Playlist on "Food Security Across The World" . To view her entire Playlist on this topic please visit: http://tinyurl.com/bojzxtm

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